Friday, 13 September 2013

2012 दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामला गुनहगारों को सजा ए मौत !

दिल्ली में 16 दिसंबर की रात जो दरिंदगी दिखाई गई , अदालत ने आज उस पर अपना फैसला सुनाकर इंसाफ दे दिया। दामिनी के चार दरिंदों को सजा-ए-मौत सुनाई गई है।मंगलवार को सभी दोषियों को 11 धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। और बुधवार को जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रखा था।

करीब दस महीने पहले दिल्ली की एक सर्द रात में छह दरिंदों ने बेसहारा युवती के साथ जो किया, उसके सामने हैवानियत, दरिंदगी, वहशियाना जैसे लफ्ज भी बौने पड़ गए। लेकिन 11 सितंबर के ऐतिहासिक दिन दामिनी को आखिरकार न्याय मिला।बुधवार को हुई बहस के दौरान सरकारी वकील ने चारों दोषियों के लिए सजा-ए-मौत की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने दलील देते हुए कहा था कि उन्हें सुधरने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए।इस घटना की वजह से देश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध जैसी गंभीर समस्या को उठाया गया।





सरकार भी बलात्कार के मामलों में ज्यादा सख्त कानून लाने पर मजबूर हुई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने खचाखच भरी अदालत में मंगलवार को कहा था कि अभियोजन पक्ष ने जो गवाह और सबूत सामने रखे, उसके बाद इस बात में कोई संदेह नहीं बचा कि मुकेश, विनय कुमार, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता 16 दिसंबर को बस में 23 वर्षीय युवती से ज्यादती की और उस पर हमला किया।अदालत का कहना था कि पीड़िता के बयान, अभियोजन पक्ष की ओर से पेश 85 गवाह, डीएनए, फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से यह साफ होता है कि आरोपी, दोषी हैं।

अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों के लिए सजा-ए-मौत की मांगी, क्योंकि उनके हिसाब से यह अपराध 'रेयरस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आता है।